तकनीक का अधूरा ज्ञान यानी मुश्किलों की खान
टेक्नोलोजी का अधूरा ज्ञान कभी कभी कैसी मुश्किलें पैदा कर देता है इसका एहसास अभी हुआ। कम्प्यूटर साइंसका विद्यार्थी कभी नहीं रहा और जो थोडा बहुत ज्ञान मिला वह इन्टरनेट के अनवरत प्रयोग व गलतियों के सबक सेपर जो गलतियाँ अनुत्क्रम्नीय होती हैं वह ज्यादा मुश्किलें पैदा कर जाती हैं। तो हुआ यह कि विंडो पर इन्विस्ब्लफोल्डर पैदा करने का पता चला। तरीका यह बताया गया कि पहले आल्ट ०१६० से फोल्डर का नाम गायब कर दोउसके बाद आप्शन मेनू में जा कर इन्विसिब्ले आइकोन चुन लो (मुझे पता है कि इस क्षेत्र में धुरंधर लोगों के लिएयह बच्चों के खेल जैसा ही है) और जब वापस फोल्डर को विसिबल करना है तो सारे प्रोसेस उलटा कर दो मसलनविसिब्ले इकों चुन लो और रीनेम आप्शन से फोल्डर का कोई नाम रख दो। यह तरीका windows क्स पी में तोकाम कर गया, पर जब इसे विस्ता में चलाया तो पता लगा कि नाम गायब तो हो गया पर रेनेम नहीं हो पा रहा है।फिर भी उम्मीद बाकी थी की फोल्डर डिलीट कर लेंगे, पर बिना नाम के फोल्डर साहब डिलीट कैसे होते (शायद मरकर चित्रगुप्त महाराज के पास अपने अच्छे बुरे कर्मों का हिसाब नाम देख कर ही करना होता है !!)
अब ऐसे चार फोल्डर अंगद के पाँव की तरह मेरे डेस्कटॉप पर जमे हुए हैं कि हटाओ तो जानू ? लोग चलते फिरतेपूछ लेते हैं कि यह करिश्मा कैसे किया तो समझ में नहीं आता कि क्या बताऊ। वेब हेल्प लेने कि कोशिश कि तोपता लगा कि कमांड प्रोम्प्ट में जाकर इन सबका पुनः नामकरण किया जा सकता है पर बेकार (किन्ही पंडित जीको बुलाकर यह नामकरण हो सकता है तो मुझे जरूर बताएयेगा) मुझे पता है कि इसका कोई न कोई हल अवश्यहोगा पर मेरे जैसे अर्ध तकनीकी व्यक्ति के लिए नहीं है ऐसे प्रयोग यह समझ में आ चूका है !
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Thursday, January 28, 2010
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